Thursday, January 14, 2016

आमना-सामना


                                         स्त्री-उम्र का मिथक

"विवाह के 15 दिनों बाद
गुप्ता जी की पत्नी का जन्मदिन था,
पर गुप्ता  बिज़नस के सिलसिले में शहर से बाहर था।
इसलिए उसने 24 गुलाब के फूल आर्डर किये
अपनी पत्नी को भेजने के लिए,
फूलो के साथ उसने लिखा: डियर,
मैं तुम्हारे लिए उतने फूल भेज रहा हूँ
जितने साल की तुम लगती हो"..
उधर फूल वाले के यहाँ स्कीम थी ।
एक पे एक फ्री
आज तक गुप्ता  नहीं समझ पाये की
उसका तलाक क्यों हुआ।
😜😜"

यह चुटकुला थोड़ी देर पहले एक व्हाट्सएप पर एक ग्रुप में किसी ने डाला. यह चुटकुला आम चुटकुला जैसा ही है अगर इसे एक बार ऊपर से नीचे पढ़कर खत्म कर दिया जाए तो. लड़कियों और महिलाओं की सोच पर कटाक्ष करता हुआ यह कोई पहला या आखिरी चुटकुला भी नहीं है जो मैंने पढ़ा हो लेकिन इस बार यह चुटकुला थोड़ा संजीदा कर गया मुझे.

पिछले दिनों दफ्तर के काम से पुणे जाना हुआ था. वहां फिल्म और टेलिविजन इंस्टीट्यूट में अध्यक्ष पद पर गजेन्द्र चौहान पदभार ग्रहण करने वाले थे और छात्रों ने हंगामा कर दिया था. नौजवान छात्रों के जोशीले नारे और हरकत से पुलिस को भी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. कैंपस से छात्रों की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकती थी क्योंकि उससे तनाव और व्यापक होता. कुल मिलाकर पुलिस के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर कैंपस के बाहर पुलिस गाड़ियां खड़ी की गईं और छात्रों के बाहर आते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

बहरहाल, एक अंग्रेजी न्यूज चैनल की पत्रकार भी वहां थी. एक आम लड़की सी दिखने वाली उस पत्रकार को लाइव इंडरव्यू के लिए कुछ छात्र चाहिए थे. उसने कैमरामेन से कहा कि कुछ बच्चों को इधर ले आए. "बच्चों" का असर पास खड़े और पत्रकारों पर पड़ा. एक दूसरी अंग्रेजी चैनल की पत्रकार से रहा नहीं गया और उसने व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि वे लोग बच्चे नहीं हैं. उस लड़की ने फौरन जवाब दिया कि वह उन लड़कों से बड़ी है! वहां कम से कम आठ पत्रकारों ने इस घटना को घटित होते देखा.

लड़कियों की उम्र को लेकर ही नहीं बल्कि उनकी सोच, समझ, विचार, शैली, गतिविधि सहित एक-एक कार्यकलाप पर अनगिनत चुटकुले बाजार में उपलब्ध हैं. सोशल मीडिया पर भी खिल्ली उड़ती रहती है पत्नियों को. किसी ने कुछ दिन पहले पोस्ट किया था कि पत्नी ने बोला विंडो ओपन नहीं हो रहा है तो मैंने बोला थोड़ा तेल दे दो. फिर उसने थोड़ी देर बाद बोला कि लैपटॉप ही बंद हो गया. फिर उस आदमी ने जब गुस्से में बोला कि कौन सी विंडो की बात कर रही थी ये तो बता दिया होता तो पत्नी ने बोला "विंडो सेवन"! हंसने के लिए यह चुटकुला ठीक है. लेकिन हम हंस किस पर रहे हैं!

संभव है कि कुछ लड़कियां उम्र छिपाती होंगी. लेकिन क्या लड़के उम्र नहीं छिपाते! अगर लड़के उम्र नहीं छिपाते होते तो फिर मर्दों के लिए अलग हेयर डाई बाजार में लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती न!

अगर यह कहने पर "आपमें से जो बड़ी हैं बैठ जाइए", दोनों महिलाएं खड़ी रह गईं तो इससे सामूहिक निष्कर्ष निकालने से पहले समाज का व्यापक अध्ययन कर लेना चाहिए. हंसना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है और चुटकुला इस जरूरत को पूरा करता है लेकिन किसी की हंसी उड़ाना अच्छी बात नहीं है.

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