Wednesday, August 10, 2011

एक खुशनुमा सपना था कि पहली सेलरी सीधे मां के हाथ में दूंगा.कल दुपहरिया में मकानमालिक का फोन आया कि उसकी भतीजी मर गई है, उसे अभी तुरंत पैसे की जरुरत है, मन नही माना जाकर दो हजार दे आया यह भी सांत्वना दे दिया कि और चाहिए हो तो बोलियेगा. हो गया सत्यानाश.

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