Friday, August 6, 2010

WELCOME

''दोस्तों आज मेरा पहला दिन है ब्लॉग पे,पता नहीं क्यों बार बार ऐसा लग रहा है कि में कुछ भूल रहा हूँ...खैर छोरिये ये कोई पहला दिन नहीं है ,में अपनी जिंदगी के ज्यादातर दिन असमंजस में ही काटा हूँ.एक दिन मैंने सोचा कि क्या मै अकेला हु जो इतना परेशां हु?काफी माथा पच्ची के बाद मुझे एक शख्स दिमाग में आया जो ऐसी ऐसी परेशानियों से रोज दो चार होता है जिसका  सामना करना आज के दौर में काफी चुनौती भरा है.अगर आप भुच्च देहात से हो तो शायद समझ पाओ .उस आदमी से एक बार  हिम्मत  करके मैंने पूछा था कि आप किस तरह खुद को खुश रखते हो,क्योंकि किस्मत को जब  भी मौका मिलता है वह आपकी निर्मम पिटाई कर देती है...तब उन्होंने कहा था कि ''आई एम् टेंशन प्रूफ''.मै बता नहीं सकता कि क्या असर परा था तब मुझपर लेकिन बेगूसराई  से दिल्ली आकर ,या यु कहे लोहियानगर से ''भारतीय जनसंचार संसथान''आकर भी मै ये शब्द भूल नहीं सका और आगे भी न भूलू इसलिए अपने ब्लॉग को ये नाम दे रहा हूँ ''

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